रक्त का थक्का न जमना थ्रोम्बोसाइटोपेनिया, रक्त जमाव कारक की कमी, दवाओं के प्रभाव, रक्त वाहिका संबंधी असामान्यताओं और कुछ बीमारियों से संबंधित हो सकता है। यदि आपको असामान्य लक्षण दिखाई दें, तो तुरंत डॉक्टर से मिलें और उनके निर्देशों के अनुसार उपचार लें। स्वयं से कोई दवा न लें।
1. थ्रोम्बोसाइटोपेनिया: जैसे कि एप्लास्टिक एनीमिया, थ्रोम्बोसाइटोपेनिक पुरपुरा आदि में, अपर्याप्त प्लेटलेट संख्या रक्त के थक्के जमने को प्रभावित करती है।
2. रक्त जमाव कारक की कमी: जैसे कि हीमोफिलिया, यह वंशानुगत रक्त जमाव कारक की कमी के कारण होता है।
3. दवाओं के प्रभाव: एस्पिरिन और हेपरिन जैसी एंटीकोआगुलेंट दवाओं का दीर्घकालिक उपयोग।
4. संवहनी असामान्यताएं: रक्त वाहिका की दीवार बहुत पतली या क्षतिग्रस्त होती है, जिससे रक्त के थक्के जमने पर असर पड़ता है।
5. रोग संबंधी कारक: गंभीर यकृत रोग रक्त के थक्के जमने वाले कारकों के संश्लेषण को कम कर सकता है, जिससे रक्त का थक्का जमना मुश्किल हो जाता है। यदि रक्त का थक्का न जमे, तो समय रहते चिकित्सा सहायता लें, कारण का पता लगाएं और लक्षित उपचार करवाएं। सामान्य परिस्थितियों में भी सावधानी बरतें और चोट लगने से बचें।
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